Lok Sabha

March 11, 2026

Sayani Ghosh’s speech on no-confidence motion against the Speaker

Sayani Ghosh’s speech on no-confidence motion against the Speaker

सरे, आप मेरेा समय मत काचटएगा। सरे, एकला िलो, आपको तो पता हीै। महीोदय, मंआपका धन्‍यवाद करेती हीूं चक‍आपनेमझेुेबोलने का मौका चदया। यहीांबहीुत गभीरे चस्थचत ही ं ैऔरे सवं ेदनिील मद्दा ही ु ै। जैसा चपछलेप्रवक्‍ताओं नेबोला हीै, मंपहीलेसेहीी स्‍पष्‍ट करेना िाहीती हीूं चक‍व्‍यचिगत तौरे सेश्री ओम चबरेला जी के प्रचत मेरेा कोई आक्रोि या चवरेोध नहीं हीै। Sir, there is nothing which is driven out of personal grievance, but certainly our expectations from the hon. Chair, and the values and principles of fairness of impartiality with which it should be integral to its functioning. यहीां ऑलरेडी ििा े लहीो िकी ही ु ै। So, now I would like to cut the long story short and come straight to the point. The problem is that there is hardly any democracy left in this country, be it social, be it religious, be it electoral, be it political, or be it parliamentary, or should I say that it is practised only when it is most convenient to the Ruling Party. वषल2014 सेपहीलेसदन कैसेिलता था, इसके बारेेमंमझेुेज्‍यादा ज्ञान नहीं हीै, क्‍यंचक‍ तब मंयहीां नहीं थी, but in the last two years, I have seen that the ideologies are being sidelined, opinions are being crushed, and voices of the Opposition are being throttled in broad daylight in this country, and within the four walls of this august House. हीम दूसरें के हीक के चलए लड़तेहीं जबचक चवपक्ष के सासदं को ि ं द अपन ु ेहीक के चलए सदन मंलड़ना पड़ रेहीा हीै। इन्‍हींनेचपछले सात सालं सेचडप्‍टी स्‍पीकरे की पोस्‍ट िाली रेिी क्‍यंचक‍येनहीं िाहीतेथेचक इस तरेफ से कोई उठकरे उस िेयरे परे बैठे। Sir, there is no scope for a healthy discussion or debate. एक साल मं चकतनी बारे ससद का सत्र हीोता ही ं ै? The number of sittings has been reduced drastically. वषल2009 से2014 केबीि 15वं लोकसभा मं356 चदन यानी सालाना 61 चदन हीाउस िला। वषल2019 से2024 के बीि पाि सालं म ं ंचसफल 274 चदन हीाउस िला, average 55 days yearly, making it the shortest full-term Lok Sabha since 1952. वषल 2025 के मानसून सत्र मंचनधालररेत 120 घटं म ं ंचसफल 37 घटं ेलोकसभा औरे 41 घटं ेरेाज्‍य सभा की कायलवाहीी िली। वषल2025 मंंरेाज्‍य सभा मं टीएमसी के माननीय सासद ं श्री डेरेके ओ’ब्रायन जी नेप्राइवेट मैम्‍बसल चबल के माध्‍यम सेप्रपोज चकया चक एटलीस्‍ट सालाना 100 चदन सदन बैठे। यही चसफल चवपक्ष का चप्ररेोगेचटव नहीं हीोना िाचहीए, यही ट्रेजरेी बंि का भी प्रीरेोगेचटव हीोना िाचहीए औरे माननीय िेयरे का भी चप्ररेोगेचटव हीोना िाचहीए। सरे, ससद िलान ं ेमंहीरे चमनट ढाई लाि रुपयेििलहीोतेहीं। वषल2014 सेलेकरे वषल 2024 के िीतकालीन सत्र तक कुल चमलाकरे 92 चदन, 2200 चमनट औरे 3300 करेाेड़ रुपयेका लॉस हीुआ। क्‍यं? क्यंचक आप नहीं िाहीतेथेचक महीत्वपूणलचवषयं परे ििालहीो। सभापचत जी, यही चनचित करेना िेयरे का काम हीैचक यही सदन िलेऔरे सवाल उठाना चवपक्ष का काम हीै। सत्ता पक्ष का यही काम हीैचक वेहीरे सवाल का जवाब, हीरे उस इंसान को द, चजसक े े टैक्स केपैसेसेयही सदन िलता हीै, परेतं ुयही बोलतेहीुए मझेुेिेद हीैचक सरेकारे नेइस दि क े ेपॉचलसी मेचकंग प्लेटफॉमलको अपना एडवरेटाइजमंट पोटलल बना चदया हीै। They are … o silence the Opposition and this august House to blow their own whistle and they are trying to … Parliamentary democracy by rendering institutions toothless. सरे, सीएजी ररेपोटटलस बनना बद हीो गई ही ं ं। The number of C&AG reports tabled in the Parliament has reduced from 53 in 2015 to merely 18 reports in 2023. पचललक अकाउंटटस कमेटी का क्या काम हीै? अगरे ररेपोटटलस हीी नहीं बनंगी, टेबल्ड हीी नहीं हींगी, तो पचललक अकाउंटटस कमेटी मंकैसेजाएगी? स्क्र ं ूटनी भी कैसेहीोगी? How will the Parliament and the people of this country know about the irregularities, the wasteful spendings, inefficient contract management and sub-standard project implementation taking place in this country every day in each Department? You have completely eliminated the concept of transparency and accountability. The BJP Government merged the 92 years old independent Railway Budget with the Union Budget in 2017.जब हीमारेी ऑनरेबल सी.एम. माननीय ममता े बनजी यहीाँकी रेलवे ेचमचनस्टरे थं, तब पूरेेदि क े े लोगं को अवगत करेाती थं चक रेलवे ेके क्षेत्र मंइस दि क े े चकस कोनेमंक्या काम हीो रेहीा हीै। िाहीेवो नए-नए स्टेिस हीं या नई रे ं ल हीो े या चफरे चकतनेसारेेनए इंजन्स बनेऔरे रेलवे ेके चकतनेसारेेकोिेज़ की चगनती बढ़ गई, यही सबको पता िलता था। आज यूचनयन बजट मंरेलवे ेजैसेएक महीत्वपूणल कमॉचडटी, चजसके साथ दि क े े 20 से30 करेोड़ लोग डेली बेचसस परे जड़ुेहीुए हीं, उसका िलद, उसका नाम तक नहीं चलया जाता हीै। आप ओवरेनाइट रेात के12:00 बजे, 1:00 बजेचबल्स लेकरे आते हींऔरे सामान्य चबल्स नहीं , चबल्स जो लोगं का वतलमान औरे उनके भचवष्य के साथ डायरेक्टली ज े ड़ुे हीुए हीं; Farm Laws, WAQF, BNS, the Constitution 130th Amendment Bill, 2025 which says removal of Ministers on detention, changing MGREGA to VB- G RAM G, and you expect us to read, research and even rise to speak on it within 12 hours of it being brought. Sir, these Bills, these legislations require attention in detail. They need to be thoroughly researched. सरे, हीम करेंभी तो करेंक्या, जाएँभी तो जाएँकहीा? आध ँ ेसे ज्यादा चबल तो इस सदन मंचबना ििालकेपास हीो जाते… Sir, over the last ten years, more than 67 per cent of the Budget has been guillotined. Between 2019 and 2023, about 18 per cent of the Union Budget was voted out on without discussion. In 2023, the entire Union Budget and in 2024- 25, 89 per cent of the Union Budget was passed without discussion. एक साल िप ब ु ैठनेकेबाद चवपक्ष के दबाव मंआकरे आप मचणपरे परे ििा ु लकरेनेपरे मजबूरे हीुए औरे चकया भी तो कब? रेात के02:00 बजेजब दि सो रेहीा था। आप िाहीत े ेहींचक हीम यही सब दिे ंऔरे इस सदन मंिप रेही ु ं। बगाल क ं ेहीक का 2 लाि करेोड़ रुपया बाकी हीै। हीरे चदन कोई नया कमीिन, कोई नई एजंसी रेाज्य सरेकारे औरे रूचलंग पाटी को चडस्टबल करेनेआ जाती हीै। इलेक्िन कमीिन केबलबूतेपरे आप लािं-करेोड़ं वोटरें का नाम काट रेहीेहींऔरे आप बोलतेहींचक हीम इस सदन मंआवाज ना उठाए, इसका चवरेोध ना करे ं । आज ं एसआईआरे के िलतेपूरेे दि म े ं150 सेऊपरे लोगं की मौत हीो गई, बीएलओज़ ने आत्महीत्या करे ली। आम आदमी को चिता स ं े, डरे सेचदल का दौरेा आ गया। 105 साल की बूढ़ी माई सेलेकरे व्हीीलिेयरे परे बैठा एक चवकलाग भाई तक,गभ ं लवती मचहीलाओंको चहीयररेगं की लाइन मंघटं दरे घ ं टं आपन ं ेिड़ा करेके रेिा। इस दि क े े मतदाताओंकी पहीिान को, 100 साल सेइस दि को अपना घरे, इस धरेती को अपनी मा े ं समझेनेवालेहीरे धमल, हीरे समदाय क ु े लोगं के आत्मसम्मान को आपनेचदन-दहीाड़ेअपनेपैरें तलेकुिलनेका काम चकया हीै। आप कहीतेहींचक हीम चवरेोध ना करेंऔरे हीम िप बु ैठं। सरे, बाहीरे चवरेोध करेतेहींतो एफआईआरे हीोगी, ईडी-सीबीआई की कारेलवाई हीोगी औरे सदन के अदरे प्रोट ं ेस्ट करेंतो सस्पंड करे दगंे। हीमारेेसाथी सस्पंड हीोकरे आज भी बाहीरे मकरे द्वारे परे बैठेहीं। 2023 के चवटरे स ं ेिन मं141 चवपक्ष के सासदं को एक साथ सस्प ं ंड करे चदया गया था औरे करेनेकेबाद भारेतीय न्याय सचहीता ल ं ेकरे आए,एक नया चक्रचमनल लॉ जो पूरेेदि क े े चक्रचमनल कोटलके प्रोसीजरे को बदल दता ही े ै। जो स्‍टेटटस के लॉ एड ऑड ं लरे को डायरेक्‍टली अफ े ेक्‍ट करेता हीै। आप बाहीरे भी बलडोज़रे िलाए ु गं ेऔरे सदन के अन्‍दरे भी बलडोज़रे िलाए ु गं े। सरे, ऐसा नहीं हीोता हीै। “यही ताकत की बलुंदी भी पल भरे का तमािा हीै, चजस डाल पेबैठेहीं, वही टूट भी सकती हीै।” इसचलए ख्‍वाब जरूरे दचिए, ल े ेचकन ख्‍वाबं मंघरे बनाकरे रेहीने की गलती मत कीचजएगा। आज 303 सेअचधक एमपीज आपके हीं, लगभग 2,000 सेअचधक एमएलएज आपके हीं, 21 रेाज्‍य आपके हीं। हीरे चडबेट मं, हीरे चडस्‍किन मं70 परेसंट सेज्‍यादा वक्‍त बोलनेके चलए आपको चमलता हीै। मीचडया आपका हीै। हीम अपनेलीडरे का नाम एक से अचधक बारे बोलं, तो हीम परे रेोक लगायी जाती हीैऔरे ट्रेजरेी बंि वालेवहीांबैठकरे पाटी का नारेा लगातेहींऔरे अपनेनेता एवं मचत्रयं क ं े नाम जपतेहीं, तब सब ठीक हीै, कोई प्रॉल‍लम नहीं हीै। मेरेेबहीुत-सेसाथी बोल रेहीे थे चक इस सदन का कैमरेा भी येसब दि-द े िकरे े कॉम्‍प्रोमाइज्‍ड हीो गया हीै। बोलतेहीम हीं, लेचकन वही आप लोगं को चदिाता हीै। जब हीमारेी बातं िलनेलगं, तो माइक ऑटोमैचटकली ऑफ हीो जाता हीै, यही सबको पता हीै। मैगज़ीन चदिाना, चकताबं सेकोट करेना, रेाहीुल जी, अचिलेि जी औरे अचभषेक जी को अलाउड नहीं हीै, लेचकन ल‍लूआईड बॉय को अलाउड हीै।… मंनाम नहीं लेरेहीी हीू।… आप सहीी कहीतेहींचक दि द े ि रेहीा ही े ै। सि मं, दि द े ि रेहीा ही े ैचक कैसेअपोचजिन आही भी भरेती हीै, तो हीो जाती हीैबदनाम औरे वेकत्‍ल भी करेतेहीं, तो ििाल नहीं हीोती। हीम मानतेहींचक एलओपी का सलाहीकारे कोई नहीं हीै, परेन्‍तुप्रधानमत्री जी का सलाहीकारे बनकरे ं उनको सदन मंआनेसेयही कहीकरे रेोक चदया चक मचहीला सासदं स ं ेउनको ितरेा हीै। आपने तो हीमको दिवाचसयं क े े सामने आतंकवादी बना चदया। जबचक इस दि म े ं असली आतंकवादी साइचकल िलाकरे घस जात ु ेहींऔरे पैदल वापस िलेजातेहीं, आप उनको रेोक नहीं पातेहीं। भारेत परे िीन का अग्रेिण आप रेोक नहीं पाते, भारेत चकससेतेल िरेीदगा, चकतन े े चदनं के अन्‍दरे िरेीदगा, चकसस े ेदोस्‍ती चनभाएगा, चकससेदश्‍मनी बरेकरेारे रेि ु ेगा, येसारेी बातंचकसी औरे दि का रेाष्‍ट्रपचत हीम े ंटटचवटरे परे आकरे लेक्‍िरे दता ही े ै, इंस्‍ट्रक्‍िन दता ही े ै, आप उसको रेोक नहीं सकतेऔरे सदन मंहीम सासदं को रेोककरे you feed on your ं ego. सरे, कृपया इतना भरेोसा रेचिए चक लड़ाई नीचतयं की हीै, चविारें की हीै। यही आपके औरे हीमारेेपररेवारें की नहीं, बचल्क इस दि क े े लोगं के अचधकारें की हीै। हीा, हीम आपस ं े लड़तेहीं, हीम सचवधान हीाथ म ं ंलेकरे लड़तेहीं, हीमारेेहीाथ मंतलवारे नहीं हीै। दि क े े लोग यही समझे गयेहींचक आपको महीत्‍वपूणलचवषयं परे बात नहीं करेनी हीै। सरे, पाचललयामंट्री प्रोचसजरे का हीी चवषय हीैन।… महीगाई परे ििा ं ल नहीं करेनी हीै, बेरेोज़गारेी परे ििाल नहीं करेनी हीै, चिक्षा परे ििाल नहीं करेनी हीै, स्‍वास्‍थ्‍य परे ििाल नहीं करेनी हीै। बजट, प्रदूषण, एसआईआरे, चडफंस, चवदि नीचत, े नैिनल चसक्‍योररेटी आचद परे ििालनहीं करेनी हीै। एप्‍सटीन फाइल्‍स परे ििालनहीं करेनी हीै। माननीय सभापति : आज का मद्दा स्‍पीकरे क ु े ररेमूवल परे हीै। कृपया आप उसकेऊपरे बोलं। आपको इस सदन मंबैठकरे केवल वाही मोदी जी करेनी हीै, तो कीचजए। लेचकन आपसेइतनी चवनती हीैचक डेमोक्रेसी को बिाइए। कृपया इस सदन को चकसी पाटी का पाटी ऑचफस मत बननेदीचजए। मेरेी यहीी दरेख्‍वास्‍त हीै। यही सदन जैसेहीमारेेआदरेणीय प्रधानमत्री जी क ं े चलए मचन्दरे हीै, वैसेहीी हीमारेेचलए भी मचन्दरे हीै। गणतंत्र हीमारेी पूजा हीैऔरे सचवधान हीमारेी गीता ही ं ै। इस मचन्दरे मंबैठकरे अगरे कोई झेूठ बोले, गीता परे हीाथ रेिकरे अन्‍याय करे, तो ऑल इ े ंचडया तणमृ ूल काग्रं ेस, जो इस दि की थड े ल लाजेस्‍ट अपोचजिन पाटी हीै, will surely not pander or surrender to your step- motherly, or should I say step-fatherly, attitude. माननीय सभापचत महीोदय, अत म ं ं, मंकहीना िाहीती हीूँचक ओम चबरेला सरे से व्‍यचिगत रूप सेमेरेा कोई चवरेोध नहीं हीै। मझेुेयही कहीतेहीुए बरेा लग रेहीा ही ु ैचक मंपहीली बारे की सासद ही ं ूँऔरे मेरेी पहीली टमल मंहीी मझेुेउनके चवरेोध मंअचवश्‍वास या अनास्‍था प्रस्‍ताव लाना पड़ रेहीा हीै। मंिाहीती हीूँचक उनके िेहीरेेकी हीसी सद ँ व बरेकरेारे रेही ै े। इसी सदभं ल मं, मं कुछ पचिया ं ंकहीकरे अपनी बात समाप्‍त करेना िाहीूगी। ं “तूलाि बेवफा हीैमगरे, सरे उठाकरे िल, चदल रेो पड़ेगा तझेुेपिेमान दिकरे ।”