February 12, 2026
Yusuf Pathan’s Zero Hour mention on the harassment of migrant workers from Bengal for speaking in Bengali

मेहोदय, आज यहां मेजदूरं के बारेमेंनडस्कशन हुआ और बहुत गहराई सेउनकी सरक्षा क ु ेबारेमेंबातचीत हुई। मेंदश भर मे े ंबगाली भाषा, प्रवासी मेजद ं ूरं के साथ हो रही नहसा और भ ं ेदभाव की बढ़ती घटनाओंकेबारेमेंआपका ध्यान कंनद्रत करना चाहता हू।ं वैध पहचान-पत्र होनेकेबावजूद इन मेजदूरं को बाग्लाद ं शी कहकर बदनामे नकया जा रहा े है। उन्हंमेनमेानेढंग सेनगरफ्तार कर उनको घरं और कायथस्थलं सेबाहर ननकाला जा रहा है। बाग्ला भाषा को बदनामे करन ं ेकी कोनशश सावथजननक अनधकाररयं के द्वारा भी की जा रही है। उदाहरण के तौर पर नदल्ली पनलस न ु ेबाग्ला भाषा को बा ं ग्लाद ं श की राष्ट्र भाषा कहा, जबनक े बाग्ला भाषा न क ं ेवल सनवधान द्वारा मेान्यता प्राप्त 22 भाषाओ ं ंमेंसेएक है, बनल्क इसेवषथ2024 मेंकंद्र सरकार द्वारा एक शास्त्रीय भाषा, क्लानसक लंगएज का दजा ु थभी नदया गया है। बगाली प्रवासी मेजद ं ूरं के नखलाफ चलाए जा रहेइस घनणत अनभयान क ृ े कारण अब तक 24 हजार सेअनधक मेजदूरं को वापस बगाल भ ं ेजा जा चका ह ु ै। इस तरह की शत्रता, नफरत और ु उत्पीड़न सनवधान क ं े अनच्छु ेद 14 के तहत समेानता के अनधकार और अनच्छु ेद 15 के तहत भेदभाव के ननषेध का उल्लंघन करता है। इसके अलावा यह अनच्छु ेद 19 (1) (डी) के तहत दश मे े ं स्वतंत्र रूप सेआने-जानेके अनधकार, अनच्छु ेद 21 (1) (ई) के तहत दश मे े ंकहं भी रहनेऔर बसनेके अनधकार तथा अनच्छु ेद 21 के तहत आजीनवका के अनधकार के भी नखलाफ है। मेंसरकार सेअनरोध करता ह ु ूं नक वह बगाली प्रवासी मेजद ं ूरं के नखलाफ हो रहेभेदभाव को रोकनेके नलए तत्काल हस्तक्षेप कर।